बिहार में एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग सख्त, 12 राजनीतिक दलों को भेजेगा नोटिस
पटना।
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच एसआईआर (Special Summary Revision) को लेकर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाते हुए घोषणा की है कि राज्य के 12 राजनीतिक दलों को नोटिस भेजा जाएगा। इसकी प्रक्रिया रविवार से शुरू होगी।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट का आदेश
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रारूप मतदाता सूची (Draft Voter List) में नाम जोड़ने और सुधार की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की प्रत्यक्ष भागीदारी होनी चाहिए।
👉 अदालत का मानना है कि पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है कि सभी मान्यता प्राप्त और पंजीकृत दलों को इस प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
📌 आयोग की तैयारी
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चुनाव आयोग ने आदेश का पालन करते हुए राज्य के प्रमुख 12 राजनीतिक दलों को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है।
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इन नोटिस में दलों से यह पूछा जाएगा कि वे एसआईआर की प्रक्रिया में किस प्रकार से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
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आयोग ने यह भी साफ किया कि किसी भी अनियमितता या लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🕰️ प्रक्रिया की शुरुआत
रविवार से इस प्रक्रिया की आधिकारिक शुरुआत होगी।
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जिला स्तर पर सभी निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश भेज दिए गए हैं।
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राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को हर चरण में शामिल किया जाएगा ताकि मतदाता सूची पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाई जा सके।
👥 राजनीतिक प्रतिक्रिया
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विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि इससे “फर्जी मतदान” पर रोक लगेगी।
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वहीं, कुछ दलों का कहना है कि आयोग को मतदाता सूची की गड़बड़ियों को रोकने के लिए टेक्नोलॉजी का अधिक प्रयोग करना चाहिए।
🔍 विश्लेषण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आयोग का यह कदम चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा फैसला है।
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इससे न केवल मतदाता सूची की सटीकता बढ़ेगी बल्कि राजनीतिक दलों को भी जवाबदेही के दायरे में लाया जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिहार से शुरू हुआ यह मॉडल आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी नजीर बन सकता है।
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